मध्य प्रदेश

DOPT को दी अचल संपत्ति का ब्यौरा, 35 से ज्यादा IAS अधिकारियों ने खरीदी खेती लायक जमीन

भोपाल
प्रदेश के 358 आईएएस अधिकारियों द्वारा 31 जनवरी 2019 की स्थिति में खरीदी गई अचल संपत्ति का ब्यौरा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (डीओपीटी) को भेजने के उपरांत उनकी संपत्ति आनलाइन सार्वजनिक कर दी गई है। इसकी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद तेरह महीने के कार्यकाल में 35 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के साथ देश के अन्य प्रांतों आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान समेत अन्य स्थानों पर फ्लैट, मकान, खेती लायक जमीन खरीदी है। रीवा नगर निगम में पदस्थ आयुक्त सभाजीत यादव ने अपनी संपत्ति विवरण में दस करोड़ रुपए से अधिक की अचल संपत्ति होने की जानकारी दी है। उनकी अधिकांश प्रापर्टी यूपी में है।

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रदेश में पिछले 13 माह के अंतराल में 35 आईएएस अधिकारियों ने मकान और जमीन खरीदी है। इन आईएएस अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति खरीदने के ब्यौरे में यह जानकारी दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के इन अधिकारियों की संपत्ति का विवरण डीओपीटी ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है जिसमें अधिकारियों ने अपने सेवा काल में खरीदी गई संपूर्ण अचल संपत्ति की जानकारी दी है। इसमें अफसरों ने अपने तथा पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर देश भर में मौजूद संपत्ति की जानकारी देने के साथ उससे होने वाली सालाना आमदनी की भी जानकारी दी है।

जिन आईएएस अधिकारियों ने दिसम्बर 2018 से दिसम्बर 2019 के बीच संपत्ति खरीदी है, उनमें एसीएस आएस जुलानिया, केके सिंह, विनोद कुमार के अलावा आईएएस अफसर मनोज झालानी, आलोक श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, मनोज गोविल, पल्लवी जैन गोविल, शिवशेखर शुक्ला, मुकेश चंद्र गुप्ता, राहुल जैन, डॉ. अशोक कुमार भार्गव, प्रीति जैन, नेहा मारव्या, वीरेद्र सिंह रावत, तरुण राठी,  टी. इलैया राजा, अमित तोमर, आशीष कुमार, अभिजीत अग्रवाल, जगदीश चंद्र जटिया, मनीष सिंह, दिलीप कुमार, आलोक कुमार सिंह, अभय वर्मा, रघुराज एमआर, राजाभैया प्रजापति के नाम शामिल हैं। इनमें से कई अधिकारियों ने कृषि फार्म, आफिस और अन्य कार्यों के लिए भी प्रापर्टी खरीदी है। इन अधिकारियों को अचल संपत्तियों से हर साल लाखों रुपए आमदनी किराए के रूप में भी मिल रही है।

आईएएस अधिकारी मनोज गोविल और पल्लवी जैन गोविल, शिवशेखर शुक्ला, मनोज झालानी ने राजधानी के हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बनाए गए तुलसी टावर में फ्लैट बुक कराए हैं। इन फ्लैट की बुकिंग के समय कीमत 98 लाख रुपए थी जो अब सवा करोड़ रुपए को पार गई है। इन अफसरों ने संपत्ति खरीदी में बैंक लोन और जीपीएफ के से निकाले गए फंड की भी जानकारी दी है।

जिन अफसरों ने इंदौर में जमीन खरीदी है, उनमें प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ राहुल जैन, आलोक कुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह रावत, मनीष सिंह, प्रीति जैन, डॉ. अशोक कुमार भार्गव, स्मिता भारद्वाज के नाम शामिल हैं। इन अफसरों ने इंदौर विकास प्राधिकरण की अलग-अलग स्कीम में जमीन खरीदने के साथ मल्हारगंज, मायाखेड़ी, हातोद, बदियाकीमा, झलरिया में प्रापर्टी खरीदी है।

आईएएस अफसरों ने इस एक साल के अंतराल में रायसेन,भोपाल, जबलपुर में भी मकान और जमीन की खरीदी की है। जबलपुर और भोपाल में मंडला कलेक्टर जगदीश चंद्र जटिया ने मकान खरीदे हैं। रायसेन जिले के रंगपुरा केसरी में अभय कुमार वर्मा, दिलीप कुमार ने भोपाल में आरएस जुलानिया, अनुग्रह पी., अभिजीत अग्रवाल, रघुराज एमआर, राजाभैया प्रजापति ने खेती और प्लाट की जमीन खरीदी है।