राजनीती

मोदी बोले- प्राइवेट सेक्टर के खिलाफ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करने का समय चला गया

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नयी दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद में प्राइवेट कंपनियों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि निजी क्षेत्र के खिलाफ अनुचित शब्दों का उपयोग करने का समय चला गया और यह संस्कृति अब अस्वीकार्य है। दरअसल, विपक्ष से लेकर किसान आंदोलन तक प्राइवेट कंपनियों को निशाना बनाया गया। कांग्रेस हमेशा से ही सरकार पर ये आरोप लगाती है कि सरकार सिर्फ उद्योगपतियों की है। इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान भी अंबानी और अडानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इतना ही नहीं पंजाब में तो कई जगह मोबाइल टॉवरों को भी तोड़ा गया।

देश के बढ़ाने में सभी का योगदान- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए बुधवार को कहा कि निजी क्षेत्र के खिलाफ अनुचित शब्दों का उपयोग करने का समय चला गया और यह संस्कृति अब अस्वीकार्य है । लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि देश का सामर्थ्य बढ़ाने में सभी का सामूहिक योगदान है और जब सभी देशवासियों का पसीना लगता है, तभी देश आगे बढ़ता है।

दुनिया बदल गई हैं- पीएम
उन्होंने कहा कि आज दुनिया बदल गयी है, सभी को अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘देश के लिए सार्वजनिक क्षेत्र जरूरी है तो निजी क्षेत्र का योगदान भी जरूरी है।’ प्रधानमंत्री ने नौकरशाही का जिक्र करते हुए कहा, ‘क्या सबकुछ बाबू ही करेंगे, वे देश के हैं तो नौजवान भी तो देश के हैं।’ उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र ले लें- दूरसंचार, फार्मा हर जगह हम निजी क्षेत्र की भूमिका देखते हैं। यदि भारत मानवता की सेवा करने में सक्षम है, तो यह निजी क्षेत्र की भूमिका के कारण भी है। लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि देश जब आजाद हुए तो आखिरी ब्रिटिश कमांडर यही कहते रहते थे कि भारत कई देशों का महाद्वीप है, कोई भी इसे एक राष्ट्र नहीं बना पाएगा। परन्तु भारतवासियों ने इस आशंका को तोड़ा। आज हम विश्व के सामने एक राष्ट्र के रूप में खड़े हैं और विश्व के लिए एक आशा की किरण हैं।

मैंने देखा कि यहां कांग्रेस के साथियों ने कृषि क़ानूनों पर चर्चा की, वो रंग पर तो बहुत चर्चा कर रहे थे कि काला है या सफेद है, परन्तु अच्छा होता अगर वो इनके इंटेंट पर और इसके कंटेंट पर चर्चा करते। कोरोना पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 130 करोड़ देशवासियों के अनुशासन और समर्पण ने आज हमें बचाकर रखा है। क्रेडिट गोज़ टु 130 करोड़ भारतवासी। विश्वास के साथ हमें दुनिया के सामने यह बात रखनी होगी। मनीष तिवारी के भाषण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा है कि कोरोना में बच गए। मैं इस बात पर जरूर कुछ कहना चाहूंगा। भगवान की ही कृपा है कि दुनिया इतनी हिल गई और हम बच गए। क्योंकि वो डॉक्टर और नर्स भगवान का रूप बनकर आए। क्योंकि वो डॉक्टर और नर्स अपने छोटे-छोटे बच्चों को शाम को घर कहकर जाऊंगा कहकर जाते थे और 15-15 दिन तक घर नहीं लौटते थे। हम कोरोना से जीत गए क्योंकि हमारे सफाई कर्मचारी जिस मरीज के पास कोई नहीं जाता था, उसे साफ रखने का प्रयास करता था। भगवान का रूप उनमें था। एंबुलेंस का ड्राइवर भगवान के रूप में आया था। इसलिए भगवान का रूप ही था, जिसने हमें बचाया था।

सालों से हमारा कृषि क्षेत्र चुनौतियां महसूस कर रहा है। उसे बाहर लाने के लिए कुछ प्रयास करने होंगे। कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को खत्म करने के लिए हमें प्रयास करना होगा। कानून के कलर पर तो बहुत चर्चा कर रहे हैं, ब्लैक है कि वाइट है.. अच्छा होता उसके कॉन्टेंट और इन्टेंट पर चर्चा करते। दादा ने भी भाषण किया। वह ज्यादातर इस पर लगे रहे कि पीएम और उनके साथी बंगाल क्यों जा रहे हैं। दादा तो इसी पर लगे रहे। दादा के ज्ञान से हम वंचित रह गए। कोरोना कालखंड में जनधन खाते, आधार, ये सभी गरीब के काम आए। लेकिन कभी-कभी सोचते हैं कि आधार को रोकने के लिए कौन लोग सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे में गए थे? इस कालखंड में भी हमने रिफॉर्म का सिलसिला जारी रखा है। हम इस इरादे से चले है कि भारत की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए हमें नए कदम उठाने होंगे। और हमने पहले दिन से ही कई कदम उठाए हैं।

हम मानते हैं कि इसमें सही में कोई कमी हो, किसानों का कोई नुकसान हो, तो बदलाव करने में क्या जाता है। ये देश देशवासियों का है। हम किसानों के लिए निर्णय करते हैं, अगर कोई ऐसी बात बताते हैं जो उचित हो, तो हमें कोई संकोच नहीं है। कानून लागू होने के बाद न देश में कोई मंडी बंद हुई, न एमएसपी बंद हुआ। ये सच्चाई है। इतना ही नहीं ये कानून बनने के बाद एमएसपी की खरीद भी बढ़ी है। पीएम मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेसी सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया जिसकी वजह से पीएम मोदी को अपना भाषण थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन जब फिर से बोलने लगे तो पीएम मोदी ने कहा- अधीर रंजन जी ये ज्यादा हो रहा है। मैं आपका सम्मान करता हूं लेकिन इस तरह से मत करिए प्लीज। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि ये हिन्दुस्तान है जो लगभग 75 करोड़ भारतीयों को कोरोना काल के दौरान 8 महीने तक राशन पहुंचा सकता है।

निजी क्षेत्र का बड़ा योगदान- पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज देश मानवता के काम आ रहा है तो इसमें निजी क्षेत्र का भी बहुत बड़ा योगदान है।’ उन्होंने कहा कि हमें देश के युवाओं का मनोबल बढ़ाने की जरुरत है, जो प्राइवेट सेक्टर में अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के खिलाफ अनुचित शब्दों का उपयोग करने के लिए अतीत में कुछ लोगों को वोट मिला होगा, लेकिन वह समय अब चला गया है।

पीएम मोदी की दो टूक
मोदी ने कहा कि निजी क्षेत्र को लेकर अपशब्द की संस्कृति अब स्वीकार्य नहीं है। हम अपने युवाओं का इस तरह अपमान नहीं कर सकते हैं।" उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को कांग्रेस एवं कुछ विपक्षी दलों द्वारा चुनिंदा कॉपोरेट घरानों पर टीका टिप्पणी करने संदर्भ में देखा जा रहा है ।