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भारत में पाकिस्तान सरकार का ट्विटर अकाउंट किया गया बैन

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नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार ने पाकिस्तान को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भारत में पाकिस्तान का ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया है। बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब भारत में पाकिस्तान के ट्विटर अकाउंट को बंद किया गया है। इस पहले पाकिस्तान के ट्विटर अकाउंट को जून में बंद कर दिया गया था, जिसे हाल ही में फिर से एक्टिवेट किया गया था। भारत में पाकिस्तान के ट्विटर अकाउंट को कानूनी कार्रवाई की मांग पर बैन किया गया है। इस बात का उल्लेख ट्विटर की गाइडलाइन में भी है।
 
इससे पहले सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने के लिए पाकिस्तान स्थित छह चैनलों सहित 16 YouTube समाचार चैनलों को बंद किया था। वहीं, इस संबंध में ट्विटर का कहना है कि ट्विटर ने कहा कि अगर उसे एक अधिकृत इकाई से उचित और वैध शिकायत मिलती है, तो समय-समय पर किसी विशेष देश में इस तरह की कार्रवाई की जाती है।

वहीं, जून में भी पाकिस्तान का ट्विटर अकाउंट भारत में बैन किया गया था। इसके अलावा इस साल के अगस्त में भारत ने 8 YouTube-आधारित समाचार चैनलों को भी बंद कर दिया था। ये सभी चैनल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और इन पर भारत विरोधी कंटेंट प्रसारित किया जाता था। चैनलों को बंद करने को लेकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों को लागू करके कार्रवाई की गई थी। इस कदम के आदेश 16 अगस्त को थे। बंद YouTube चैनलों को नकली और सनसनीखेज थंबनेल का उपयोग करते हुए देखा गया था। आपको बता दें कि केंद्र सरकार अब तक भारत के खिलाफ नफरत फैलाने वाले 100 से अधिक यूट्यूब चैनल, 4 फेसबुक पेज, 5 ट्विटर अकाउंट और 3 इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक कर चुका है।

पीएफआई के बैन के खिलाफ भी ट्विट का आरोप
कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जब भारत में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को भारत में बंद किया गया था, तब पाकिस्तान सरकार के ट्विटर अकाउंट से समर्थन में पोस्ट किए गए थे। ऐसे में पाकिस्तान सरकार का ट्विटर अकाउंट बंद करने में इसको भी एक वजह बताया जा रहा है। हालांकि भारत सरकार की तरफ से अभी अकाउंट बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं शेयर की गई है।

आपको बता दें कि टेरर फंडिंग, आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में एनआईए, ईडी और राज्यपुलिस बलों की तरफ से पीएफआई के नेताओं और उनके आवासों पर कार्रवाई की गई थी। इस छापेमार कार्रवाई में 110 से ज्यादा पीएफआई के कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने देश में पीएफआई को 5 वर्ष के लिए बैन कर दिया है। हालांकि, इस पर सियासत भी हो रही है। पीएफआई के बैन करने पर देश की विपक्षी पार्टियों की तरफ से RSS को भी बैन करने की मांग की जा रही है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि RSS भी देश में एक धर्म को बढ़ावा दे रहा है।