छत्तीसगढ़

रेप पीड़िता को मिला न्याय, आरोपी को 10 साल की सजा

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जांजगीर-चांपा

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) खिलावन राम रिगरी ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन के अनुसार फेसबुक के माध्यम से पीड़िता का आरोपी से परिचय हुआ और दोस्ती हुई। इसकी जानकारी पीड़िता ने परिजन को दी। इसके बाद पीड़िता व उसकी मां भीमा तालाब के पास आरोपी से मुलाकात की। आरोपी ने पीड़िता के बारे में अपने घर में बताया तो आरोपी के घर वाले नाड़ीदोष आ रहा है, कहकर शादी से मनाकर दिया। इस पर पीड़िता ने भी आरोपी से कहा कि उसके घर वाले नहीं मान रहे हैं तो अलग हो जाते हैं, किंतु आरोपी उसे इमोशनली ब्लैकमैल करके प्यार का झांसा दिया और विश्वास दिलाया कि उससे ही शादी करेगा।

इसी दौरान मनकादाई मंदिर खोखरा ले गया और मांग भी भर दी और कोर्ट मैरिज करने की बात कही। इसी दौरान शादी का झांसा देकर अपने घर ले जाकर कई दुष्कर्म किया। पीड़िता कोर्ट मैरिज करने की बात कहती तो आरोपी टाल देता। पीड़िता ने आरोपी से संबंध के बारे में अपने दोस्तों को बताई। पीड़िता द्वारा आरोपी को शादी करने के लिए कहने पर गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दिया। तब पीड़िता ने 22 फरवरी 2021 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 376 व 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।

विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिस पर आईबी रेस्ट हाउस के पास जांजगीर निवासी अनिमेष पिता नरेन्द्र पांडेय को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) खिलावन राम रिगरी ने धारा 276 (ढ) के अपराध के लिए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर 100 दिन का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोक (एफटीसी) ने पैरवी की।